श्री गिरनार सिद्धक्षेत्र आरती

गिरनार क्षेत्र की आज उतारों मिल आरतिया
उतारो मिल आरतियां, उतारो मिल आरतियां
नेमिनाथ जहां दीक्षा धारी, शम्भु प्रद्युमन भये अधिकारी
अनुरुद्धुजी के साथ, उतारो मिल आरतियां
कोडी बहतर सात शतक मुनि साथ गये श्री नेमिनाथ प्रभु
नमने सघते काज, उतारो मिल आरतियाँ ।। टेक…. ।।

राजुल संग तुम व्याहन आये पशुवन के तुम बंध छुडाये
चढ गये गढ गिरनार, उतारो मिल आरतियां ।। टेक… ।।

सहसावन प्रभुका तपस्थल केवल ज्ञान टौंक हैं अविचल ।
दर्शन से पावन हुआ गात, उतारो मिल आरतियां ।। टेक… ।।

वाद हुआ जहां कुन्द कुन्द का, डंका बजाया स्यादवाद का
अचल विराजी अम्बे मात, उतारो मिल आरतियां ।। टेक…. ।।

श्री पुष्पदंत श्री भूतवलीजी उमा स्वामी धरसेन सूरीजी,
सबको नवाऊ निज माथ, उतारो मिल आरतियां ।। टेक…. ।।

जय बोलो गिरि सिध्धराज की, निर्मलसागर मुनिराज की
गिरिवर के सरताज, उतारो मिल आरतियां ।। टेक.. ।।

समवशरण की रचना न्यारी, ध्यान केन्द्र की प्रतिमा प्यारी
सभी को इन पर नाज, उतारो मिल आरतियां ।। टेक…. ।।

पुन: पुन: नेमिनाथ को बन्दन, हरते जो दुःखो का क्रन्दन
विशुद्ध विनीत के ताज, उतारो मिल आरतियां ।। टेक…. ।।

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